
जनसंघ की विरासत का सबसे बड़ा संदेश और लक्ष्य यही था कि भारत को शक्तिशाली और समृद्ध बनाया जाए और वही हो रहा है। हर क्षेत्र में भारत का आगे बढ़ना हमारी परमवैभव की कल्पना के अनुरूप ही है। यह हमारी राष्ट्रीयता का ही अंग है कि हम एक ऐसा देश बनाना चाहते हैं ‘जिसमें दैहिक, दैविक, भौतिक तापा, रामराज काहू नहीं व्यापा’ की बात फलीभूत हो। यह कहा था श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2004 में मुझे दिए एक साक्षात्कार में। उनका यह कथन लगता है आज के इसी माहौल के लिए कहा गया हो जब श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास का नया अध्याय रच रहा है।
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